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- Tanvi Sharma Wins Taipei Open Badminton Title | Indian Shuttler History
6 मिनट पहले
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भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में महिला एकल का खिताब जीत लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में 17 साल की तन्वी ने वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थुय लिन्ह गुयेन को सीधे गेम में 21-16, 21-16 से मात दी। यह तन्वी का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है।
पंजाब की रहने वाली तन्वी ने यह मुकाबला महज 36 मिनट में अपने नाम किया। पिछले साल यूएस ओपन सुपर 300 में उपविजेता रहीं तन्वी ने इस जीत के साथ इतिहास रच दिया है। वह 2008 में साइना नेहवाल के बाद ताइपे ओपन में महिला एकल का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
कोच पार्क ते-सांग के साथ मनाया जश्न
तन्वी को पीवी सिंधु के पूर्व मेंटर पार्क ते-सांग कोचिंग दे रहे हैं। खिताबी जीत के बाद तन्वी ने अपना गोल्ड मेडल उतारकर कोच पार्क ते-सांग के गले में डाल दिया और दोनों ने साथ में फोटो खिंचवाई। तन्वी 17 साल 222 दिन की उम्र में इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे युवा फाइनलिस्ट बनीं। उन्होंने कोरिया के ली योंग डे का रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2006 में 17 साल 287 दिन की उम्र में पुरुष युगल फाइनल में पहुंचे थे।
मैच का रोमांचक सफर
मैच की शुरुआत में तन्वी ने शानदार खेल दिखाते हुए 4-1 की बढ़त बनाई। उन्होंने ड्रॉप शॉट्स और स्मैश का बेहतरीन मिश्रण इस्तेमाल किया। हालांकि, बीच में तन्वी ने कुछ गलतियां कीं, लेकिन कोच की सलाह के बाद उन्होंने लय वापस पाई और पहला गेम 21-16 से जीत लिया।
दूसरे गेम में वियतनामी खिलाड़ी ने 3-0 की शुरुआती बढ़त ली, लेकिन तन्वी ने नेट शॉट्स और चतुराई भरे खेल से वापसी की। 11-8 की बढ़त के साथ ब्रेक में जाने के बाद तन्वी ने अपनी पकड़ मजबूत रखी। अंत में उन्होंने 19-12 की बढ़त के बाद कुछ मैच पॉइंट गंवाए, लेकिन अंततः जीत दर्ज कर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब हासिल किया।
तन्वी की पिछली उपलब्धियां
तन्वी पूर्व वर्ल्ड जूनियर नंबर 1 रह चुकी हैं। उन्होंने 16 साल की उम्र में 2025 यूएस ओपन में अपना पहला सुपर 300 फाइनल खेला था। इसके अलावा वह ओडिशा मास्टर्स और गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 में भी उपविजेता रही हैं। तन्वी वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के एक ही संस्करण में दो पदक (गर्ल्स सिंगल्स में सिल्वर और मिक्स्ड टीम में ब्रॉन्ज) जीतने वाली पहली भारतीय हैं। वह उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं जिसने एशियाई टीम चैंपियनशिप में देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया था।
