रविंद्र 2015 में स्पेन गया था।-फाइल फोटो
हरियाणा में करनाल के रहने वाले एक युवक की स्पेन में अचानक मौत हो गई। सीने में दर्द होने के बाद उसके साथी उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार को फोन पर उसकी मौत की सूचना मिली।
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महमल थ्रोटा गांव निवासी रविंद्र (28) इकलौता बेटा था। वह 11 साल पहले स्पेन गया था। वहां उसकी परमानेंट रेजिडेंसी (PR) होने वाली थी। परिवार उसकी शादी के बारे में भी सोच रहा था। रविंद्र के पिता गुरमुख सिंह भी जर्मनी में रहते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद वह जर्मनी से स्पेन के लिए रवाना हो गए हैं।

पोते की मौत की सूचना के बाद दादा की आंखों में आंसू आ गए।
2015 में 12 लाख रुपए खर्च कर विदेश भेजा था
गुरमीत सिंह ने बताया कि परिवार ने वर्ष 2015 में करीब 12 लाख रुपए खर्च करके रविंद्र को विदेश भेजा था। वहां कागजी दिक्कतों के कारण उसे पहले पुर्तगाल जाना पड़ा। कुछ दिनों बाद वह स्पेन चला गया। रविंद्र स्पेन में एक रेस्टोरेंट में काम करता था और अपना खर्च चलाता था। उसे वहां किसी तरह की परेशानी नहीं थी। स्पेन में उसके कागज की प्रक्रिया चल रही थी और परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही वह वहां स्थायी हो जाएगा।
दोस्तों ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
रविंद्र के चाचा गुरमीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को रविंद्र को अचानक सीने में दर्द हुआ था। इसके बाद उसके साथी उसे अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने रविंद्र को मृत घोषित कर दिया। शाम करीब 6 बजे रविंद्र के मामा के बेटे का फोन आया। वह भी स्पेन में रविंद्र के पास ही रहता है। उसने परिवार को बताया कि रविंद्र की मौत हार्ट अटैक से हुई।

गुरमीत सिंह ने बताया कि परिवार रविंद्र की शादी के बारे में सोच रहा था।
रविंद्र के पिता जर्मनी से स्पेन रवाना
चाचा के मुताबिक, रविंद्र के पिता गुरमुख सिंह पिछले कई सालों से जर्मनी में रह रहे हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद वह जर्मनी से स्पेन के लिए रवाना हो गए। रविंद्र के शव को भारत लाने के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है। गांव में रविंद्र की मां और छोटी बहन रहती हैं। जल्द ही रविंद्र की शादी के लिए लड़की देखने की तैयारी थी। बेटे के भविष्य और शादी को लेकर परिवार ने जो उम्मीदें लगा रखी थीं, उसकी अचानक मौत से वे भी टूट गईं।
परिवार ने सरकार से शव भारत लाने में मदद मांगी
रविंद्र के चाचा गुरमीत सिंह ने सरकार से शव जल्द भारत लाने में मदद करने की अपील की है, ताकि परिवार उसे अंतिम विदाई दे सके। अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में है।
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