2 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी के रूप में कानूनी मान्यता देने की मांग की थी।
जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए इसे ‘लक्जरी लिटिगेशन’ (शौकिया या फिजूल मुकदमेबाजी) करार दिया।
इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अनीता आडवाणी के लिए कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। अनीता लंबे समय से राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को कानूनी पहचान दिलाने के प्रयास में थीं।
दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला भी दर्ज कराया था।

दिवंगत एक्टर राजेश खन्ना के साथ एक्ट्रेस अनीता आडवाणी।
‘सम्मान के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई’, वकील की दलील
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस याचिका में आगे सुनवाई का कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं अनीता आडवाणी के वकील ने अदालत में तर्क दिया की यह याचिका किसी आर्थिक लालच के लिए नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान और गरिमा के लिए है।
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल को अनीता की अपील खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत के 2017 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें राजेश खन्ना के निधन के बाद दाखिल किए गए उनके सिविल सूट को खारिज कर दिया गया था।

2012 में बंगला छोड़ने से शुरू हुआ विवाद
अनीता आडवाणी का दावा है कि वे राजेश खन्ना के साथ उनके जीवन के अंतिम वर्षों में कई सालों तक लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। जुलाई 2012 में 69 वर्ष की उम्र में राजेश खन्ना के निधन के बाद विवाद शुरू हुआ।
अनीता का आरोप था कि राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने उन्हें बांद्रा स्थित बंगले ‘आशीर्वाद’ से बाहर निकाल दिया था।
इसके बाद 2013 में अनीता ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून (DVA) के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बांद्रा में 3-बीएचके फ्लैट और हर महीने मेंटेनेंस की मांग की थी।

अनीता ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला भी दर्ज कराया था।
2015 में हाईकोर्ट ने खारिज की थी घरेलू हिंसा की शिकायत
2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अनीता आडवाणी की शिकायत को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अनीता का राजेश खन्ना के साथ रिश्ता शादी जैसा नहीं था, इसलिए वे घरेलू हिंसा कानून के तहत राहत पाने की हकदार नहीं हैं।
इसके अलावा अदालत ने यह भी माना था कि राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों को इस मामले में घसीटना सही नहीं है क्योंकि अनीता उनके साथ कभी नहीं रहीं।
इसके बाद उन्होंने कोर्ट में दोबारा अपील की। अप्रैल 2026 में कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी।

‘शालिमार’ से किया था डेब्यू, बिग बॉस में भी दिखीं
60 के दशक की उम्र में पहुंच चुकीं अनीता आडवाणी ने 1978 में धर्मेंद्र और ज़ीनत अमान की फिल्म ‘शालिमार’ में एक डांसर के रोल से अभिनय की शुरुआत की थी।
इसके बाद उन्होंने ‘साजिश’ और ‘दासी’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2013 में वे सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में भी नजर आई थीं।
दो साल पहले उन्होंने राजेश खन्ना की जयंती पर ‘द एंडियरिंगली विकेड वेज ऑफ राजेश खन्ना’ नाम से अपनी किताब भी लॉन्च की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनके रिश्ते के बारे में उनके और राजेश खन्ना के दोस्तों को सब पता था और उन्होंने इसे कभी छुपाया नहीं। ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान

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